GST पंजीकरण के लिए पूरे देश में बायोमैट्रिक सुविधा जल्द
GST पंजीकरण के लिए पूरे देश में बायोमैट्रिक सुविधा जल्द
नई दिल्ली। देशभर में जीएसटी पंजीकरण के लिए जल्द ही आधार से बायोमैट्रिक सुविधा शुरू होगी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड यानी सीबीआईसी के प्रमुख संजय कुमार अग्रवाल ने कहा है कि इस सुविधा से संदिग्ध लोग पंजीकरण से बाहर हो जाएंगे। वहीं केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने आकलन वर्ष 2024-25 के लिए एक से छह तक सभी तरह का फॉर्म जारी कर दिया है। फॉर्म 2, 3 और 5 शुक्रवार को अधिसूचित किए गए। बाकी फॉर्म पहले ही जारी किए जा चुके हैं। करदाता इन फॉर्म के जरिये आयकर रिटर्न (आईटीआर) भर सकते हैं।
जीएसटी पंजीकरण के लिए जल्द ही पूरे देश में आधार से बायोमैट्रिक सुविधा शुरू होगी। अग्रवाल ने कहा कि इस सुविधा से संदिग्ध लोग पंजीकरण से बाहर हो जाएंगे। अभी दो राज्यों गुजरात, आंध्र प्रदेश और केंद्र शासित पुडुचेरी में यह सुविधा है। अग्रवाल ने कहा, आधार से बायोमैट्रिक पंजीकरण की सुविधा का सकारात्मक परिणाम दिख रहा है। गुजरात में पंजीकरण में गिरावट आई है।
जो लोग दूसरों के पहचान पत्र पर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करते थे, उनकी पहचान अब हो रही है। उनके मुताबिक, उत्साहजनक परिणामों से अब अधिक से अधिक राज्य इसे चुनेंगे या इसे सभी राज्यों पर समान रूप से लागू किया जा सकता है। जीएसटी अधिकारी अभी पंजीकरण करने वाले आवेदकों की पहचान स्थापित करने के लिए ओटीपी-आधारित आधार प्रमाणीकरण का उपयोग कर रहे हैं।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने आकलन वर्ष 2024-25 के लिए एक से छह तक सभी तरह का फॉर्म जारी कर दिया है। फॉर्म 2, 3 और 5 शुक्रवार को अधिसूचित किए गए। बाकी फॉर्म पहले ही जारी किए जा चुके हैं। करदाता इन फॉर्म के जरिये आयकर रिटर्न (आईटीआर) भर सकते हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने शुक्रवार को बताया कि फॉर्म एक ऐसे लोग भर सकते हैं, जिनकी सालाना आय 50 लाख रुपये तक है।
अगले आकलन वर्ष के लिए इस बार समय से काफी पहले फॉर्म अधिसूचित हुआ है। इससे करदाताओं को रिटर्न भरने के लिए ज्यादा समय मिलेगा। वे व्यक्तिगत और हिंदू अविभाजित परिवार, जिनकी कारोबार या पेशे से कोई आय नहीं है या सहज फॉर्म भरने के पात्र नहीं हैं, वे आईटीआर-2 भर सकते हैं। जिनकी आय कारोबार या पेशे से है, वे आईटीआर फॉर्म-3 भर सकते हैं।
आईटीआर-4 (सुगम फॉर्म) को व्यक्तिगत और हिंदू अविभाजित परिवार और कंपनियों के लिए है। इसके तहत जिनकी आय 50 लाख रुपये से कम है वे फॉर्म भर सकते हैं। भागीदार और एलएलपी फर्म फॉर्म पांच भर सकते हैं जबकि बाकी फॉर्म छह भर सकते हैं।