भामाशाह सम्मान समारोह में 142 भामाशाहों को किया सम्मानित हर विद्यालय की मैनेजमेंट एंड डेवलपमेंट कमेटी में भामाशाहों के प्रतिनिधि का होना अनिवार्य हो: शिक्षा मंत्री डॉ बी.डी. कल्ला

भामाशाह सम्मान समारोह में 142 भामाशाहों को किया सम्मानित हर विद्यालय की मैनेजमेंट एंड डेवलपमेंट कमेटी में भामाशाहों के प्रतिनिधि का होना अनिवार्य हो: शिक्षा मंत्री डॉ बी.डी. कल्ला

जयपुर , 11 सितम्बर। बिड़ला सभागार में सोमवार को आयोजित भामाशाह सम्मान समारोह में शिक्षा मंत्री डॉ बी.डी. कल्ला ने भामाशाहों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनका योगदान शिक्षा विभाग की उन्नति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। डॉ. कल्ला ने कहा कि शिक्षा  विभाग भामाशाहों  द्वारा प्राप्त दान का उपयोग  स्कूलों के  गुणात्मक सुधार और विस्तार के लिए कर रहा है । साथ ही कई योजनायें जैसे निःशुल्क शिक्षा, मिड डे मील, बाल गोपाल योजना, स्कूल ड्रेस योजना का संचालन भी सुचारु रूप से किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि हर विद्यालय की  मैनेजमेंट एंड डेवलपमेंट कमेटी में भामाशाहों  के प्रतिनिधि का होना अनिवार्य हो।
उन्होंने बताया कि  शिक्षा विभाग की प्रमुख योजनाओं के कारण राज्य स्कूली शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक में अग्रणी है व गत वर्ष शिक्षा  विभाग ने  6 विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। साथ ही इंस्पायर अवार्ड में राज्य के विद्यार्थी लगातार तीन वर्ष से  सम्पूर्ण देश में प्रथम आ रहे हैं ।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष शिक्षा विभाग की ओर  से  लगभग 400 करोड़ का व्यय शिक्षण संस्थानों की आधारभूत  संरचना के लिए किया जाता है, जिसमें भामाशाहों  का योगदान  महत्वपूर्ण है। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को भी अपने विद्यालय  के प्रति समर्पित रहने  और पूर्व छात्रों को विद्यालय की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
इसी के साथ समारोह में शिक्षा मंत्री द्वारा राज्य स्तर पर 142 भामाशाहों को सम्मानित किया गया, जिनमें से 34 भामाशाहों को शिक्षा विभूषण तथा 108 भामाशाहों को शिक्षा भूषण  सम्मान प्रदान किया गया।  साथ ही  30 लाख रुपये या अधिक सहयोग राशि के लिए दानवीरों को प्रेरित करने वाले ‘प्रेरकों’ को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर शिक्षा विभाग के शासन सचिव श्री नवीन जैन ने कहा कि यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि भामाशाहों द्वारा प्राप्त दान का हम सदुपयोग करें।  उन्होंने बताया कि विभाग का नवाचार “मिशन स्टार्ट” एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें  ई-कक्षा द्वारा विद्यार्थियों को हर विषय का ई-कंटेंट उपलब्ध कराया जा रहा हैं । इस नवाचार के लिए उन्होंने भामाशाहों के योगदान का आव्हान किया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री द्वारा परिशिष्ट पुस्तिका और ज्ञान संकल्प पोर्टल स्मारिका 2023  का विमोचन किया गया।  उल्लेखनीय है कि परिशिष्ट पुस्तिका में  भामाशाहों द्वारा किये गए योगदान और कार्यो का वर्णन किया गया है।
कार्यक्रम में निदेशक प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा श्री कानाराम, राज्य परियोजना निदेशिका समग्र शिक्षा श्रीमती टी शुभा मंगला, विशिष्ठ शासन सचिव शिक्षा विभाग श्रीमती चित्रा गुप्ता, संयुक्त शासन सचिव श्री किशोर कुमार, अतिरिक्त निदेशक प्रारंभिक शिक्षा श्री अशोक मीणा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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