बेहतर इंसान बनने के लिए न सीमित संख्या न प्रतियोगिता-कलेक्टर

बेहतर इंसान बनने के लिए न सीमित संख्या न प्रतियोगिता-कलेक्टर

सुधार की प्रक्रिया जीवन में चलती रहना चाहिए
‘‘अरमानों के पंख‘‘ कार्यक्रम में हायर सैकेण्डरी स्कूल मानपुर के विद्यार्थियों से संवाद
श्योपुर, 09 सितंबर 2023
कलेक्टर श्री संजय कुमार ने अपने नवाचार ‘‘अरमानो के पंख‘‘ कार्यक्रम के तहत आज शनिवार को हायर सैकेण्डरी विद्यालय मानपुर के विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि बेहतर इंसान बनने के लिए किसी प्रकार का कम्पटीशन नही है और न ही सीमित संख्या है, यह कोई कठिन परीक्षा नही है, जिसमें प्रतिस्पर्धा हो, कोई भी व्यक्ति अपने स्वभाव, व्यवहार, आचरण से एक अच्छा इंसान बन सकता है, इसलिए अच्छे प्रोफेशन के साथ-साथ हमें एक अच्छा इंसान भी बनना है। कलेक्टेªट सभाकक्ष में आयोजित उक्त कार्यक्रम के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री रविन्द्र सिंह तोमर एवं मानपुर विद्यालय का स्टॉफ भी उपस्थित था।
कलेक्टर श्री संजय कुमार ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि अपने आप को व्यक्त करना बहुत जरूरी है, व्यक्ति इसीलिए कहा जाता है कि हम अपने आप को व्यक्त करते है। इंसान को विचारवान बनाया गया है तथा बुद्धि और क्षमता से सामर्थ्य प्रदान किया है, जिससे हम अच्छे-बुरे का फर्क समझ सकते है, सदैव अपने व्यवहार के प्रति जागरूक रहें। आत्म मंथन करें कि हमने कोई गलत काम तो नही किया है, या किसी के साथ गलत व्यवहार तो नही किया है। हमें अपनी गलती स्वीकारने में हिचकिचाना नही चाहिए, यदि हम हमारे व्यवहार से किसी को दुख पहुंचा है तो हमें तत्काल क्षमा मांगनी चाहिए, वर्तमान में मानव स्वभाव ऐसा हो गया है कि हम गलती करते है और उस गलती को जायज ठहराने में लग जाते है, इसलिए गलतियों को हमेंशा रिलाइज करते हुए अपने व्यवहार में सुधार लाने का कार्य करते रहें। सुधार की प्रक्रिया जीवन में सतत् रूप से चलती रहनी चाहिए, गलतियां होना मानवीय स्वभाव है, लेकिन उस गलती को रिलाइज करना और उसमें सुधार करना हमें एक श्रेष्ठ और नेक इंसान बनाता है। समाज में अच्छे इंसान की पहचान एक अलग रूप में होती है, अच्छे व्यक्ति जहां भी जाते है वहां अपने चरित्र और आचरण की खुशबू से सभी के अंर्तमन को महका देते है।
उन्होंने कहा कि ईश्वर हमें इंसान की शक्ल देकर पैदा करता है लेकिन अपनी अक्ल से हम अपने जीवन को संवारते है, जैसे हम साफ-सफाई के लिए घर में झाडू पोछा लगाते है इसी प्रकार हमें हमारे अर्तमन में भी समय-समय पर झाडू लगाना चाहिए, जिससे परोपकार, सदव्यवहार, प्रेमपूर्ण आचरण की भावनाएं मन में बनी रहे।
उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ इंसान के साथ-साथ श्रेष्ठ प्रोफेशन भी जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। जीवन निर्वाह करने के लिए हम किसी न किसी भूमिका में अपनी आजीविका उपार्जन करते है। विद्यार्थी जीवन के दौरान हम अपने कैरियर को लक्ष्य बनाकर उस ओर तैयारी करते है। सबकी परिस्थितियां अलग-अलग हो सकती है, लेकिन परिस्थितियों को बदलने की क्षमता हर एक इंसान में होती है। दृढ संकल्प के साथ अपने प्रोफेशन को पाने के लिए मेहनत करें। यह रास्ता कठिन हो सकता है, लेकिन असंभव नही है।
उन्होंने बच्चों को मोटिवेट करते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण नही है कि हमारे पास क्या संसाधन है या फिर हमारी परिस्थिति कैसी है, बल्कि महत्वपूर्ण यह है कि हम अपना लक्ष्य पाने के लिए कितनी कडी मेहनत कर सकते है, उतनी करे, दुनिया में ऐसा कोई कार्य नही जो मनुष्य ने न किया हो, सभी व्यक्ति एक जैसे ही होते है, अंतर केवल लक्ष्य पाने के लिए उसकी जिद और जुनून का होता है।
ना ये बनो, ना वो बनो, तुम जो चाहे, तुम वो बनो
ना ये बनो, ना वो बनो, तुम जो चाहे, तुम वो बनो।
गर्दिशो की औकात नही जो रोक ले, तुम कुछ सुनहरे सपने बनो।।
उक्त पंक्तियों से प्रेरित प्रमाण पत्र कलेक्टर श्री संजय कुमार ने कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं को प्रदान किये गये। अपने लक्ष्य के प्रति सदैव प्रेरित रहने के लिए सभी छात्र-छात्राओं के शुभकामनाओं सहित प्रमाण पत्र भेंट किये गये।

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