बीते 6 साल में झारखंड में मॉनसून सबसे कमजोर, सूखा पड़ने के आसार?

रांची

झारखंड में मॉनसून लगातार कमजोर होता जा रहा है। पिछले छह वर्षों के दौरान एक जून से 27 अगस्त तक की बारिश पर नजर डालें तो इस बार राज्य में सबसे कम बारिश हुई है। इस वर्ष अगस्त तक पूरे झारखंड में मात्र 501.8 मिमी बारिश हुई है। यह सामान्य बारिश से 35 फीसदी कम है।

पिछले साल कमजोर मॉनसून के बावजूद मात्र 27 फीसदी कम बारिश हुई थी। वहीं 2018 और 2019 में 26 फीसदी कम बारिश हुई थी। वर्ष 2020 और 2021 में बारिश में मात्र तीन से सात फीसदी की कमी दर्ज की गई थी। मौसम विभाग के मुताबिक 20 प्रतिशत से कम बारिश को सामान्य बारिश की श्रेणी में रखा जाता है।

राज्य के मात्र छह जिलों में हुई है सामान्य बारिश

राज्य के 24 जिलों में से केवल छह जिलों में अच्छी बारिश हुई है। इसमें साहिबगंज में नौ फीसदी अधिक बारिश हुई है, जबकि सिमडेगा में नौ, गोड्डा में तीन फीसदी, सरायकेला खरसावां में 20, पश्चिम सिंहभूम में 21 और पूर्वी सिंहभूम में 19 फीसदी कम बारिश हुई है। ये सब जिले सामान्य बारिश की श्रेणी वाले जिले हैं। केवल पश्चिमी सिंहभूम में 21 फीसदी कम बारिश हुई, हालांकि यह भी सामान्य के करीब है।

18 जिलों में सामान्य से बहुत कम बारिश

इस मॉनसून सीजन में अबतक 18 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। इसमें चतरा में सबसे कम मात्र 38 फीसदी बारिश हुई है, जबकि हजारीबाग में 47 फीसदी, कोडरमा, गिरिडीह, गुमला में 51 फीसदी, जामताड़ा में 52 फीसदी, लातेहार में केवल 50 फीसदी बारिश हुई। लोहरदगा, धनबाद, पलामू, रांची और रामगढ़ में भी स्थिति खराब है। इन जिलों में बारिश में कमी 40 से 47 फीसदी तक है। रांची में 38 फीसदी कम बारिश हुई है, जबकि खूंटी, गढ़वा, दुमका, देवघर में 33 से 37 फीसदी कम बारिश हुई है।

अच्छे पूर्वानुमान के बावजूद कम बारिश मौसम वैज्ञानिक

मौसम विभाग रांची के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक, गत वर्षों की तुलना में इस बार अगस्त तक मॉनसून कमजोर रहा है। राज्य में अच्छे मॉनसून के पूर्वानुमान के बावजूद बारिश कम हो रही है। अगस्त में मॉनसून सक्रिय रहा, लेकिन जून और जुलाई में यह अनुकूल नहीं था। इस वजह से बारिश में कमी का फासला बढ़ गया है।

 

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