दिल्ली भाजपा नेताओं ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को विरोध पत्र सौंपा – उदयनिधि स्टालिन से माफी की मांग की

दिल्ली भाजपा नेताओं ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को विरोध पत्र सौंपा - उदयनिधि स्टालिन से माफी की मांग की

उदयनिधि स्टालिन का सनातन धर्म के उन्मूलन का आह्वान करने वाला बयान I.N.D.I.A. गठबंधन की योजनाबद्ध साजिश का एक हिस्सा है वरना गठबंधन के नेता चुप क्यों हैं — वीरेंद्र सचदेवा

दिल्ली के लोग चाहते हैं कि अरविंद केजरीवाल आगे आएं और उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म के उन्मूलन के आह्वान की निंदा करें – वीरेंद्र सचदेवा

नई दिल्ली 4 सितंबर : दिल्ली भाजपा के नेता आज अध्यक्ष श्री वीरेंद्र सचदेवा के नेतृत्व में तमिलनाडु हाउस गए और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को संबोधित एक विरोध पत्र सौंपा। मुख्य मंत्री स्टालिन को लिखे पत्र मे उनके बेटे और राज्य के मंत्री उदयनिधि स्टालिन के उस बयान का विरोध किया गया , जिसमें उन्होंने संतान धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से करते हुए सनातन धर्म को खत्म करने का आह्वान किया है।

बीजेपी नेताओं ने संयुक्त पत्र में मुख्य मंत्री एम.के. स्टालिन से संवैधानिक स्वामित्व का उल्लंघन करने वाले अनैतिक बयान के लिए अपने बेटे और मंत्री उदयनिधि स्टालिन से तत्काल माफी मंगवाने का आह्वान किया गया है।

दिल्ली भाजपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष श्री वीरेंद्र सचदेवा, दिल्ली विधानसभा में एल.ओ.पी. श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी, संसद सदस्य डॉ. हर्ष वर्धन, श्री मनोज तिवारी, श्री रमेश बिधूड़ी एवं श्री प्रवेश साहिब सिंह, दिल्ली भाजपा महामंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा, श्री योगेन्द्र चंदोलिया एवं श्रीमती कमलजीत सहरावत और मीडिया प्रमुख श्री प्रवीण शंकर कपूर शामिल थे।

विरोध पत्र सौंपने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के बेटे, जो खुद मंत्री हैं, उदयनिधि स्टालिन का बयान चौंकाने वाला है, जिसमें उन्होंने संतान धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से की है और सनातन धर्म के उन्मूलन का आह्वान किया है।

श्री वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि उदयनिधि स्टालिन सनातन धर्म को खत्म करना चाहते हैं जो विदेशी आक्रमणकारी भी नहीं कर सके।

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि मंत्री के संवैधानिक पद पर रहते हुए भी उदयनिधि स्टालिन सनातन धर्म के उन्मूलन के आह्वान वाले एक सम्मेलन में न केवल शामिल हुए बल्कि उसे संबोधित कर घृणास्पद ब्यान भी दिया।

दिल्ली तो क्या पूरे देश में डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के 100 करोड़ सनातन धर्मी भारतीयों के खिलाफ दिये नफरत भरे भाषण के खिलाफ गुस्सा है।

श्री वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि मंत्री उदयनिधि स्टालिन का बयान नफरत फैलाने वाला भाषण है जो सनातनी भारतीयों के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई को उकसाता है। यह भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार एक दंडनीय अपराध है। इसके अलावा उक्त बयान सनातनी समुदाय के खिलाफ पूर्वाग्रह को भी दर्शाता है और प्रोत्साहित करता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 19, 21 और 25 के विपरीत है।

श्री वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि एक संवैधानिक पद धारक की ओर से आने वाले ऐसे अवैध, दंडनीय और असंवैधानिक बयान और कार्रवाई गंभीर चिंता का विषय है और यह तमिलनाडु राज्य की स्थिति को दर्शाता है।

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि उदयनिधि स्टालिन का यह बयान I.N.D.I.A. गठबंधन की बैठक के 2 दिन बाद आया है और यह गठबंधन की सबसे अच्छी सोची-समझी रणनीति प्रतीत होती है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के करीबी राजनीतिक सहयोगी हैं और इस मुद्दे पर उनकी चुप्पी 2 करोड़ सनातन धर्मी दिल्लीवासियों को चुभ रही है।

दिल्ली के लोग चाहते हैं कि अरविंद केजरीवाल आगे आएं और सनातन धर्म के उन्मूलन के उदयनिधि स्टालिन के आह्वान की निंदा करें।

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