सनातन धर्म विवाद में सीएम योगी की एंट्री, बोले- जिसने भी चुनौती दी वो मिट गया

सनातन धर्म विवाद में सीएम योगी की एंट्री, बोले- जिसने भी चुनौती दी वो मिट गया

कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर रिजर्व पुलिस लाइन्स लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा आज का समय जब पूरा देश सकारात्मक दिशा में बढ़ने का काम कर रहा तब कुछ लोगों को ये अच्छा नहीं लगता।

सनातन धर्म विवाद पर पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आज का समय जब पूरा देश सकारात्मक दिशा में बढ़ने का काम कर रहा तब कुछ लोगों को ये अच्छा नहीं लगता। इन उपलब्धियों पर उनके द्वारा भारत, भारतीयता, यहां की सनातन परंपरा पर उंगली उठाने का कार्य किया जा रहा है…ये भूल गए कि जो सनातन नहीं मिटा था रावण के अहंकार से, जो सनातन नहीं डिगा था कंस की हुंकार से, जो सनातन नहीं मिटा था बाबर और औरंगजेब के अत्याचार से वह सनातन इन तुच्छ सत्ता परजीवी जीवों से क्या मिट पाएगा? इनको स्वयं अपने कृत्यों पर लज्जित होना चाहिए।

कार्यक्रम में सीएम योगी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि की सनातम धर्म को लेकर की गई टिप्पणी पर उन्होंने पूरे इंडिया गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि दुनिया पर संकट आता है तो सनातन धर्म आगे कर लोगों की सुरक्षा और संरक्षण का काम करता है।

सीएम योगी ने कहा कि ईश्वर को मिटाने वाला मिट गया। 500 साल पहले सनातन का अपमान हुआ। आज अयोध्या में राम मंदिर बन रहा है। विपक्ष तुच्छ राजनीति करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष भारत की प्रगति में व्यवधान पैदा करने की कोशिश कर रहा है। सीएम योगी ने कहा कि हर काल में सत्य को झुठलाने का प्रयास हुआ है। क्या रावण ने झुठलाने का प्रयास नहीं किया था? उससे पहले हिरण्यकश्यप ईश्वर की और सनातन धर्म की अवमानना करने का प्रयास नहीं किया था? क्या कंस ने ईश्वरीय सत्ता को चुनौती नहीं दी थी? ईश्वरीय सत्ता को चुनौती देने वाले आज क्या कर रहे हैं, उनकी स्थिति क्या है? सब कुछ मिट गया। कुछ नहीं बचा। जैसे सत्य है, शाश्वत है। वैसे ही सनातन धर्म भी सत्य और शाश्वत है।

सीएम योगी ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि भगवान विष्णु के पूर्ण अवतार के रूप में श्रीकृष्ण का जन्म धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना के लिए हुए था। पांच हजार वर्षों से लगातार भगवान श्रीकृष्ण की आदर्श प्रेरणा भारत समेत पूरी दुनिया के मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर रही है। भारत के अंदर जब भी अत्याचार और अन्याय हुआ तो हमारे ईश्वरीय अवतारों ने एक विशिष्ट प्रकाश पुंज के रूप में समाज का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने शांति काल में सामान्य नागरिकों को कर्म की प्रेरणा प्रदान करने वाला ‘कर्मण्ये वाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ का मंत्र दिया। वहीं संकट काल में समाज को परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् के मंत्र को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में सीएस दुर्गाशंकर मिश्रा, डीजीपी विजय कुमार, एसडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, मंत्री दयाशंकर सिंह समेत अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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