केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान का दौरा- देश के विकास में किसानों और खेती से जुड़ी संस्थाओं का बड़ा योगदान -उपराष्ट्रपति

केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान का दौरा- देश के विकास में किसानों और खेती से जुड़ी संस्थाओं का बड़ा योगदान -उपराष्ट्रपति

जयपुर, 14 सितंबर। टोंक जिले के केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान अविकानगर (मालपुरा) का गुरुवार को उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने अवलोकन किया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति को बाजरा एवं ज्वार से बना गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। उपराष्ट्रपति संस्थान परिसर में स्थित केंद्रीय विद्यालय के स्काउट छात्र-छात्राओं से आत्मीयता से मिले और देश निर्माण में उनकी भूमिका को लेकर उत्साहवर्धन किया। इसके बाद उन्होंने संस्थान द्वारा विकसित की गई उन्नत नस्ल की भेड़ों और उत्पादों का निरीक्षण कर संस्थान के निदेशक, वैज्ञानिकों और स्टॉफ से मुलाकात कर उन्हें संबोधित किया।
अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान के द्वारा किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत के विकास में सबसे बड़ा योगदान किसानों एवं खेती से जुड़ी आप जैसी संस्थाओं का है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था किसान एवं पशुपालकों की बदौलत है। कृषि में बदलावों की आवश्यकता पर बल देते हुए श्री धनखड़ ने कहा कि भारत के किसान आधुनिक तकनीक को अपना रहे हैं जिससे कृषि क्षेत्र में बदलाव आ रहा है। उपराष्ट्रपति ने देश के कृषि वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि वे इस बदलाव का प्रेरक बनें।
उपराष्ट्रपति ने देश मे उपलब्ध भेड़ की नस्ल, संस्थान की एक से ज्यादा मेमने देने वाली अविशान भेड़ के जुड़वा, ट्रिपलेट मेमने, संस्थान के विभागों की उन्नत तकनीकी का अवलोकन कर संस्थान के प्रयासों की सराहना की।
श्री जगदीप धनखड़ ने संस्थान के टेक्नोलॉजी पार्क मे बरगद का पौधारोपण किया। उन्होंने वस्त्र निर्माण एवं वस्त्र रसायन विभाग में संस्थान की भेड़ के ऊन व अन्य पशुओं के फाइबर से बने उत्पादों, मांस, दुग्ध आदि उत्पादों का अवलोकन किया। उपराष्ट्रपति ने भारत सरकार की अनुसूचित जाति स्कीम में प्रशिक्षण ले रही महिलाआंे व बालिकाओं से मुलाक़ात करते हुए आजीविका अर्जित कर परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ने उन्हें प्रेरित किया।
उपराष्ट्रपति ने कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे 8 राज्यों के 30 से ज्यादा पशुपालक एवं संस्थान से जुड़े 100 प्रगतिशील किसानों और वैज्ञानिको को संबोधन देते हुए कहा की आपकी बदौलत ही देश खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता के साथ खाद्य उत्पादों का निर्याताक भी है। आज हम विश्व के विभिन्न मंचों जैसे जी-20, वर्ल्ड बैंक आदि के माध्यम से किसानों की मेहनत से देश का मान बढ़ाते हुए विश्व के कई देशो की मुश्किल वक्त मे मदद कर पा रहे है। उन्होंने संस्थान के निदेशक डॉ. अरूण कुमार तोमर को भेड़-बकरी एवं खरगोश पालक किसानांे के लिए किए जा रहे उन्नत प्रयासों के लिए बधाई दी। उपराष्ट्रपति को संस्थान के निदेशक ने उपलब्ध संसाधनों के पूरे उपयोग के लिए परिसर मे कृषि विज्ञान केंद्र, देश के कृषि ओर पशुपालक किसानांे के लिए कौशल विकास केंद्र एवं केंद्रीय वेटरनरी विश्वविद्यालय स्थापना के लिए आग्रह किया।
इस अवसर पर टोंक-सवाईमाधोपुर सांसद श्री सुखबीर सिंह जौनपुरिया, मालपुरा-टोडारायसिंह विधायक श्री कन्हैयालाल चौधरी, जिला प्रमुख सरोज बंसल, मालपुरा नगरपालिका चेयरमैन सोनिया सोनी, टोंक जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल, पुलिस अधीक्षक राजर्षि राज वर्मा सहित जिले के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा संस्थान के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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